प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विदेशी हितों को नजर अंदाज करके जो किसानों व उद्योगपतियों के पक्ष में आवाज बुलंद की है वह इतिहास है : डा.सीमांत गर्ग

मोगा, 9 अगस्त (JASHAN   ) :  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिका के राष्टÑपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा संसार में शुरू की गई टैरिफवाद तथा विदेशी हितों को नजर अंदाज करके  जो देश की किसानों व उद्योगपतियों के पक्ष में आवाज बुलंद की है वह भी एक इतिहास बनेगा तथा प्रधानमंत्री द्वारा यह आवाज बुलंद करने की घटना ने  साबित कर दिया है कि केन्द्र की भाजपा सरकार हमेशा किसानों, मजदूरों व छोटे उद्योगों के साथ खड़ी है। उक्त विचार भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डा.सीमांत  गर्ग ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रकट किए। डा.सीमांत गर्ग ने कहा कि अमेरिका की ट्रंप सरकार द्वारा विश्व भर में प्रतिदिन नए-नए प्रतिबंध लगाकर टैरिफ बाद जो शुरू की गई है इसका विरोध करने वाला रूस, चीन के बाद भारत तीसरा देश बन गया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप सरकार के दबाव में टैरिफ घटाने व स्वस्थ मापदंड (जैसे पशु आहार प्रतिबंध, हार्मोन मुक्त दूध) में डील देने से भारी मात्रा में सब्सिडी देने वाले अमेरिकी दूध व कृषि उत्पाद भारतीय बाजारों में आने से रोकने के लिए मोदी सरकार ने ट्रंप सरकार की टैरिफ वाले को नजरअंदाज किया है। क्योंकि यदि ट्रंप सरकार से भारत सरकार सहमति प्रकट करती तो भारत में दूध के भाव गिर जाने थे व छोटे किसान जिनकी रोजी रोटी दूध बेचने पर निर्भर है उनका अस्तित्व संकट में आ जाना था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के पक्ष में खड़े होकर यह बता दिया है कि भारत अपने देश के किसानों, दूध उत्पादकों व छोटे उद्योगपतियों को किसी भी किस्म का नुकसान नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने विदेशी आयात पर निर्भरता खत्म करने की तरफ कदम बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका के उत्पाद भारत में आ जाते तो भारत की खाद्य निर्भरता कमजोर होनी थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अंतर राष्टÑीय दबावों के आगे झुकने की बजाए भारत अपने वैज्ञानिकों, मानकों, अजीविका संरक्षण और संस्कृति मूल्यों पर अड़िग है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के इस ऐतिहासिक फैसले से भारत के अन्नदाता किसानों का मान सम्मान बढ़ा है, जो गौवंश से जुड़े धार्मिक विश्वासों की रक्षा करके भारत की संस्कृति संप्रभुता बनाए रखने के सामान हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका के हार्मोन मुक्त दूध या मांसाहारी आहार से पले गोवंश के दूध का आयात हिंदू आस्था व मूल सिद्धांतों के विपरीत हैं, जो किसी भी भारतीय को बर्दाश्त नहीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि वह किसानों, मजदूरों की खातिर ट्रंप सरकार के आगे कभी नहीं झुकेंगे। प्रधानमंत्री के इस ऐतिहासिक फैसले से स्वदेशी हितों, सांस्कृतिक गौरव और आर्थिक न्याय की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के इस फैसले से पूरे भारत में समूह किसान जत्थेबंदियों ने जहां प्रधानमंत्री की प्रशंसा की है। वहीं उन्हें इस मुद्धे पर अपना पूरा समर्थन देने की भी बात कहीं हैं।