हार्ट अटैक के चार साइलेंट संकेतों सीने में बैचेनी, सांस फूलना, ठंडा पसीना आना, थकान आदि होने पर डाक्टरी सलाह तुरंत लें : डा.सीमांत गर्ग

*हार्ट अटैक के जोखिम को कम करने के लिए स्वस्थ जीवन शैली, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम करने के साथ-साथ ध्रूमपान से बचना चाहिए
मोगा, 8 अगस्त ( JASHAN )  : आज जिस प्रकार प्रदूषित वातावरण व भागदौड़ में व्यक्ति अपनी सेहत का ध्यान को भी नजर अंदाज कर रहा है जिस कारण हार्ट अटैक के  रोगियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। उक्त जानकारी शाम नर्सिंग होम रेलवे रोड के एम.डी. डा.सीमांत गर्ग ने हार्ट अटैक के संबंध में लोगों में  जागरूकता पैदा करने के लिए हार्ट अटैक के चार साइलेंट संकेतों सीने में बैचेनी, सांस फूलना, ठंडा पसीना आना, थकान, छाती में दर्द आदि की शिकायत  को कभी भी  नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह हार्ट अटैक के लक्षण गंभीर नतीजे का कारण बन सकते है। उन्होंने कहा कि अगर आपको सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या दिल की धड़कन बढ़ रही है या बेहोशी तथा ठंडा पसीना व बैचेनी महसूस हो रही है तो आपको दिल का दौरा पड़ सकता है तथा यह गंभीर लक्षण 10 मिनट से ज्यादा समय तक बने रहते हैं। जिसके चलते इन लक्षणों वाले व्यक्ति को तुरंत अपने नजदीकी हार्ट स्पैशलिस्ट डाक्टर के पास पहुंचना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्णों के अलावा छाती में दबाव या भारीपन होना, बाजू व कंधों तथा पीठ गर्दन में दर्द जैसी शिकायतें भी इसका लक्षण बन सकती है। उन्होंने कहा कि उलटी, चक्कर आना, पेट खराब होने को भी गंभीरता से लेना चाहिए। डा. सीमांत गर्ग ने कहा कि दिल का दौरा तब भी होता है या एक ध्वनि अवरुद्ध होती है तथा वह हृदय के रक्त प्रवाह को कम कर देती है। जिस कारण सांस लेने में भी कठिनाई होती है। उन्होंने कहा कि आम तौर पर हृदय की एक या एक से अधिक रक्त वाहिकाओं जिन्हें कोरोनरी ध्वनियां कहा जाता है, में रुकावट आने पर ध्वनियां, हृदय तक रक्त और आक्सीजन पहुंचाने कम करती है उससे भी दिल का दौरा पड़ने के चांस बढ़ जाते है। उन्होंने कहा कि उक्त लक्षणों को कभी भी नजर अंदाज नहीं करना चाहिए तथा उक्त लक्षणों के चलते डाक्टरी सहायता तुरंत लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हार्ट के मरीजों के लिए शाम नर्सिंग होम रेलवे रोड मोगा में डा. शाम सुंदर गर्ग एम.डी तथा डा.सीमांत गर्ग एम.डी. काफी वर्षों से इलाका निवासियों को हार्ट के संबंध में अपनी सेवाएं दे रहे हैं तथा हजारों की संख्या में हार्ट के मरीज स्वस्थ जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हार्ट अटैक से बचने के लिए हमें अपने खान-पान में भी बदलाव करने की जरूरत है। हमें फल, सब्जियां, साबुत अनाज व व्यायाम को प्राथमिकता देनी चाहिए तथा अपने खाद्य पदार्थों में नमक व चीनी का सेवन कम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हार्ट की बीमारी से बचने के लिए तरल पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए तथा फास्ट फूड जैसी वस्तुओं से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि योगा के साधन भी हार्ट अटैक से बचने में हमें काफी सहयोग करते हैं। प्राणायाम, शवासन, सेतुबांधसन और सूर्य नमस्कार जैसे आसन लाभदायक सिद्ध हो सकते हैं। यह आसन शरीर और मन को शांत करके रक्तचाप को नियंत्रण करने व हृदयगति को सामान्य बनाने में मदद करते हैं। उन्होंने इलाका निवासियों को अपील करते हुए कहा कि हार्ट अटैक से बचने के लिए समय-समय पर अपने शरीर का चैकअप करवाते रहना चाहिए।