गोली कांड के बाद स्वयंसेवको ने दिया सयंम एवं धैर्य का परिचय - तरुण चुग, रामगोपाल

संघ के स्वयंसेवकों का बलिदान देश सदा याद रखेगा - रामगोपाल
moga,25 जून (deepak kaura ) शहीदी पार्क की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा में शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि भेंट की गई। हम सब जानते हैं की, आज से 37 वर्ष पूर्व यानि 25 जून 1989 के दिन इसी स्थान पर चल रही शाखा में आतंकियों ने अंधाधुंध गोलियां चलाकर 25 स्वयंसेवकों की निर्मम हत्या कर दी थी तथा 36 स्वयंसेवको को बुरी तरह जख्मी कर दिया था। उनको श्रद्धा सुमन चढ़ाने के लिए हर वर्ष आज के दिन नगर के सभी स्वयंसेवक एकत्रित होकर उनको श्रद्धांजलि भेंट करते हैं। इस अवसर पर शाखा के एकत्रीकरण में बोलते हुए धर्म जागरण के प्रान्त प्रमुख रामगोपाल जी ने कहा की स्वयंसेवकों द्वारा देश की एकता तथा अखंडता के लिए दिया गया बलिदान सदा स्मरण रहेगा। उन्होंने कहा कि उस समय जब पंजाब आतंकवाद से जूझ रहा था जगह-जगह पर लोगों की हत्याएं हो रही थी ऐसे समय में इस प्रकार की घटना से देशद्रोही ताकतों की मानसिकता का पता चलता है।
यह घटना सारे देश में हिंदू सिख को आपस में लड़ाने की साजिश थी जिस प्रकार 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सारे देश में सिक्खों पर हमले हुए थे । इस बार भी उनकी यही योजना थी परंतु संघ के अधिकारियों की सूझबूझ तथा संयम से उनकी यह योजना सफल न हो सकी । इस घटना से सारे देश में देशभक्ति का ज्वार उत्पन्न हो गया। भारत के प्रत्येक प्रदेश से संघ के प्रचारक पंजाब के हर जिले में पहुंचने लगे। उनके आने से पंजाब से कुछ लोग जो पलायन कर रहे थे वे रुक गए । समाज का आत्मविश्वास बढ़ने लगा जिसके फलस्वरुप समाज खड़ा हुआ और देखते-देखते ही हिंदू सिख भाईचारा पुनः स्थापित हुआ और देश खंडित होने से बच गया। हिन्दू सिक्ख भाईचारे को प्रकट करने वाला एक बड़ा संघ सम्मेलन 16 नवम्बर 1997 को लुधियाना के श्री गुरुनानक स्टेडियम में हुआ जिसमें 21 हजार से अधिक स्वयंसेवको ने भाग लिया। कार्यक्रम में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल , गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार गुरचरण सिंह टोहड़ा तथा संघ के सर संघचालक प्रो. राजेंद्र सिंह जी की गरिमामयी उपस्थिति ने सारे देश को सुखद सन्देश दिया। कार्यक्रम के बाद सभी स्वयंसेवकों ने कदमताल करते हुए पथसंचलन कर सारे देश को हिन्दू सिक्ख भाई चारे तथा देश की एकता व अखडता का संदेश दिया।
कार्यक्रम में अमृतसर से श्रद्धांजलि भेंट करने के लिए राज्यसभा सांसद तरुण चुघ भी आए उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मैं उस समय अमृतसर में सायं शाखा का स्वयंसेवक था । सुबह शाखा में मुझे मोगा घटना की जानकारी मिली उसके बाद ही हम सब लोग अमृतसर से मोगा के लिए चल पड़े थे। संघ स्थान पर पहुंचने पर सारा संघ स्थान खून से भरा पड़ा था । सभी स्वयंसेवकों के लिए यह अत्यंत दुखद घटना थी लेकिन संघ के अधिकारियों की सूझबूझ तथा स्वयंसवेकों के संयम से पंजाब विरोधी ताकत पराजित हुई। मुझे जब राज्यसभा के लिए चुना गया तो मैंने तय किया की राज्यसभा की शपथ लेने से पूर्व मैं मोगा की पवित्र धरती को प्रणाम करने जाऊंगा और इसके बाद ही मैं दिल्ली में सांसद की शपथ लूंगा । यहाँ आकर उन्हें अपना बचपन तथा संघ का देश समाज के प्रति प्रतिबद्धता का स्मरण हुआ। शहीदों को नमन कर उनका आशीर्वाद लिया। इस मौके पर शहर के अनेकों गणमान व्यक्तियों व स्वयंसेवकों तथा भारतीय जनता पार्टी अनेकों पदाधिकारी तथा कार्यकर्ताओं ने पंक्ति में लगकर शहीदों को श्रद्धांजलि भेंट की।
इस अवसर पर मोगा शहीदी स्मारक समिति के अध्यक्ष अभिषेक जिंदल, जसवीर जी, विजय कौशिक, ज्वाला प्रसाद, राम पाल गुप्ता, जिलाध्यक्ष भाजपा डा हरजोत कमल, पूर्व जिलाध्यक्ष विनय शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा, पूर्व सिनियर डिप्टी मेयर अनिल बांसल, राकेश भल्ला, पार्षद अजय कुमार विक्की सितारा, पार्षद योगेश टोनी सितारा, सर्कल बाघापुराना से दीपक तलवाड़, शाम वर्मा, राहुल गर्ग, राजिंदर बाबू, शमशेर सिंह कैला, एस पी मुख्तियार सिंह के अलावा अन्य उपस्थित रहे।


