विवाहिता नि:संतानता तथा माता-पिता बनने के इच्छुक दंपत्ति आई.वी.एफ से सरल सुरक्षित व प्रभावी तकनीक से माता-पिता बन सकते हैं : डा. मोनिका गर्ग

----* इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आई.वी.एफ) तकनीक से सैकड़ों की संख्या में नि:संतान व बांझपन ग्रस्त महिलाओं के लिए आशा की किरण साबित हो रही है-----
मोगा, 8 अगस्त (JASHAN ) : विवाहिता नि:संतानता तथा माता-पिता बनने के इच्छुक दंपत्ति आई.वी.एफ से सरल सुरक्षित व प्रभावी तकनीक से माता-पिता बन सकते हैं। इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (अंश आई.वी.एफ) तकनीक से सैकड़ों की संख्या में नि:संतान व बांझपन ग्रस्त महिलाओं के लिए आशा की किरण साबित हो रही है। जिससे अनगणित परिवारों को खुशी मिली है, जो विश्व भर में विश्वास को दर्शाता है। उक्त जानकारी शाम नर्सिंग होम रेलवे रोड मोगा की डायरेक्टर, अंश आई.वी.एफ. की स्पेशलिस्ट व महिला रोग विशेषज्ञ डा. मोनिका गर्ग ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दी। डा. मोनिका गर्ग ने कहा कि अब 21 वीं शताब्दी में जब संसार निरंतर विकास व नई तकनीकों की तरफ बढ़ रहा है तो नि:संतान व बांझपन कोई अभिशाप नहीं है तथा इन लोगों को भी आई.वी.एफ के द्वारा जहां माता-पिता बनने का सपना पूरा हो रहा है। वहीं इसमें लगातार विश्वास रखने वालों की बढ़ोत्तरी भी हो रही है। उन्होंने कहा कि आई.वी.एफ विवाहित जोड़ों को आशा देता है तथा उन्हें परिवार बढ़ाने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश वैज्ञानिक रार्बट एडवडर््स और पैट्रिक रुटेपटो, निष्फलता से जूझ रहे जोड़ों की मदद के लिए एक अद्भुत मिशन शुरू किया, जो 1978 में दुनियां के पहले टेस्ट ट्यूब बेबी लुईज ब्रोम के जन्म के साथ एक मील पत्थर स्थापित किया। उसके बाद आई.वी.एफ एक आशावादी प्रजनन उपचार की शुरुआत आज तक सफलतापूर्वक चल रही है। उन्होंने कहा कि पहले नि:संतान व बांझपन ग्रस्त महिलाएं अपना पूरा जीवन ऐसे ही गुजार लेती थी तथा कई बार उन्हें बड़ी महिलाओं के तानो-मैहणो से भी गुजरना पड़ता था। अब नई आई.वी.एफ. तकनीक से असाधारण चिकित्सा से ही माता-पिता बनने का सपना साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि निंस्तान व बांझपन का मुख्य कारण एक वर्ष या उससे अधिक बिना किसी गर्भनिरोधक के उपयोग से गर्भ धारण के प्रयास में विफल होना है या महिला फैलोपियन ट्यूब में ब्लाकेज या विकार, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम, अधिक उम्र, अनियमित माहवारी, प्रीमेच्योर मेनोपॉज एडिनोमायोसिस, एंडोमेट्रियोसिस, टी.बी या कैंसर का इलाज तथा बार-बार गर्भपात आदि से भी यह मुश्किल आ सकती है। उन्होंने कहा कि निसंतान व बांझपन ग्रस्त महिलाओं के लिए आई.वी.एफ उपचार प्रचलित तकनीक है। यह सरल, सुरक्षित, प्रभावी व किफायती तकनीक मानी जाती है तथा इसकी सफलता 80 प्रतिशत से भी अधिक देखी जा रही है। उन्होंने निंसतान व संतान के चाहवान दंपत्तियों को अपील की है कि एक बार शाम नर्सिंग होम रेलवे रोड मोगा में आकर अपना चैकअप करवाकर बच्चे की खुशी प्राप्त कर सकती है। उन्होंने कहा कि अंश आई.वी.एफ से सैकड़ों की संख्या में महिलाएं इलाज करवाकर यह खुशी प्राप्त कर चुकी हैं।


